थोड़ा पानी रंज का उबालिये
खूब सारा दूध खुशियों का!
थोड़ी पत्तियां ख्यालों की…

थोड़े गम को कूटकर बारीक,
हँसी की चीनी मिला दीजिये…
उबलने दीजिये ख्वाबो को
कुछ देर तक!

यह जिंदगी की चाय है जनाब…
इसे तसल्ली के कप में छानकर
घूंट घूंट कर मजा लीजिये!

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